मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और गया में मेट्रो चलाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब मंजूरी मिल चुकी है, तो यह तय है कि पटना के बाद मेट्रो इन शहरों में ही बनेगी, चाहे इसमें थोड़ा समय क्यों न लगे Downgrading Sasaram slowly slowly
जिला रोहतास के डेहरी ऑन सोन के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय गंगोली के छात्र त्रिवेणी नारायण प्रिय इस जिला टॉपर बन गया गया । जिला टॉपर का ताज हासिल करने के साथ ही त्रिवेणी ने मैट्रिक की परीक्षा में टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है । औरंगाबाद जिला की रामायणी रॉय ने 487 अंकों के साथ बिहार टॉपर बनी है । Rohtas Topper Matric Result 2022 Triveni
सासाराम अनुमंडल के बड्डी गांव निवासी आकाशदीप रविवार की शाम हुई आईपीएल मैच में आरसीबी बेंगलुरू की टीम में शामिल किये गये हैं । जिले का पहला युवक आईपीएल खेल रहा है IPL RCB Bengaluru Akashdeep
एसपी ने स्वंय घटना स्थल पर पहुँच कर अनुसंधान प्रारंभ किया था । 48 घंटो के भीतर ऐतिहासिक धूप घड़ी का मेटल ब्लेड अर्थात शंकु बरामद कर लेने पर आम जनता एसपी अशीष भारती की तारीफ कर रही है Lost sundial dehri gnomon found
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और गया में मेट्रो चलाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब मंजूरी मिल चुकी है, तो यह तय है कि पटना के बाद मेट्रो इन शहरों में ही बनेगी, चाहे इसमें थोड़ा समय क्यों न लगे Downgrading Sasaram slowly slowly
सासाराम के करीब 2300 वर्ष पुराने अशोक शिलालेख पर चूना-पुताई, चादर चढ़ाने और ताला लगाने को लेकर उठे विवाद की कहानी। जानिए 2022 में क्या बोले पुरातत्व विभाग, शिक्षाविद और नेता - Ashoka encryption sasaram converted in mazar
विक्रमादित्य हेमचंद हेमू सासाराम में ही पले-बढ़े और इसे ही अपना कर्म क्षेत्र बनाया। वैसे उसका जन्म हरियाणा में हुआ था किंतु बाल्यावस्था में ही उसके पिता शेरशाह के समय सासाराम में आ चुके थे kaun tha hemu
बिहार के शाहाबाद की धरती पर जन्मे बाबू वीर कुंवर सिंह ने करीब 80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी। पढ़िए उनके जन्म, परिवार, राजा भोज से जुड़ी वंश परंपरा और जगदीशपुर की ऐतिहासिक कहानी।
सासाराम के ताराचंडी धाम में 1169 ईस्वी का ऐतिहासिक शिलालेख रिश्वत देकर हासिल किए गए जाली ताम्रपत्र की कहानी दर्ज करता है। महानायक राजा प्रताप धवल ने दो गाँवों के फर्जी दानपत्र को अमान्य बताते हुए अपने वंशजों को उसे स्वीकार न करने और राजस्व वसूलते रहने का निर्देश दिया था।
बिहार का ठेकुआ विश्वभर में प्रसिद्ध है । ऐसी पकवान दुनिया में कहीं नहीं बनाई जाति है । ग्लोबलाइजेशन के दौर में बिहार के लोग भी देश से निकल कर दुनिया भर में गए, अपने साथ बिहारी संस्कृति की खुशबू भी साथ ले गए । ठेकुआ बिहार से निकल कर ,अब यूरोप के देशों में पहुंच चुका है ।